कैलोरी की खपत को नियंत्रित करती है सीआईसीओ डाइट, जानिए इसके फायदे और नुकसान

 

सीआईसीओ यानी कैलोरी इन, कैलोरी आउट और यह आपके प्रतिदिन कैलोरी इंटेक से जुड़ी डाइट है। यह वजन घटाने और वजन बढ़ाने, दोनों के लिए ही उपयुक्त है क्योंकि यह आपकी कैलोरी की खपत को पूरी तरह से नियंत्रित रख सकती है। इसके जरिए आप अपने पूरे दिन कैलोरी को अपनी जरूरत के अनुसार सही ढंग से ले सकते हैं। आइए जानते हैं कि सीआईसीओ डाइट क्या होती है और इससे क्या-क्या फायदे और नुकसान हो सकते हैं। वजन नियंत्रित करने के लिए कितनी कैलोरी है जरूरी?इस डाइट में कैलोरी पर नजर रखना शामिल है। इसके लिए सबसे पहले अपने बेसल मेटाबॉलिक रेट की गणना करें, जो आपके शरीर की क्रियाओं जैसे सांस लेने, दिल की धड़कन, पाचन और मांसपेशियों आदि के लिए चाहिए। अगर आप अपना वजन घटाना चाहते हैं तो अपनी डाइट में कम कैलोरी और वजन बढ़ाने के लिए अधिक कैलोरी को शामिल करें। वजन नियंत्रण के लिए कैलोरी की भूमिका होती है महत्वपूर्णयह सच है कि आप एक दिन में जितनी कैलोरी का सेवन करते हैं उसका असर आपके वजन पर पड़ता है और यह डाइट पूरी तरह से कैलोरी की खपत पर आधारित होती है। हालांकि, स्वस्थ वजन नियंत्रण के लिए आपको कैलोरी की ज्यादा आवश्यकता नहीं होती है। इसके लिए अपनी डाइट में कम कैलोरी युक्त खान-पान की चीजें शामिल करें और वेट लॉस एक्सरसाइज को अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। सीआईसीओ के फायदेइस डाइट को फॉलो करने से आप अस्वास्थ्यकर वजन बढ़ाने से बच सकते हैं। यह डाइट हृदय रोग, अवसाद समेत कैंसर से लेकर सांस की समस्याओं तक, कई बीमारियों से सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है। शरीर की अतिरिक्त चर्बी को प्राकृतिक रूप से कम करने के लिए भी इस डाइट को फॉलो किया जा सकता है। इसके अलावा, आप ऑक्सीडेटिव तनाव कम करने और हार्मोनल संतुलन को बनाए रखने के लिए भी इस डाइट को अपना सकते हैं। कई समस्याओं का कारण बन सकती है सीआईसीओ डाइटकैलोरी पर बहुत अधिक ध्यान देने से शरीर में महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है। इस डाइट से बाल का झडऩा, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं, हृदय रोग, मस्तिष्क रोग, सूजन और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त, कैलोरी की कमी से एक्सरसाइज करने में भी कठिनाई हो सकती है।

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Author: mithlabra

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