धीमे और गुणवत्ताहीन कार्य के लिए नगर निगम दुर्ग के इंजीनियर को स्पष्टीकरण का नोटिस, प्राचार्य करेंगे निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग

– अब समय सीमा बैठक में होगी सेजेस की नियमित अंतराल में समीक्षा
-कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने जिले के सेजेस के प्राचार्याें की ली बैठक, शिक्षा के साथ उत्कृष्टता पर ध्यान देने के दिए निर्देश
-रिसाली, जंजगिरी और बोरी के विद्यार्थियों का प्रदर्शन बेहतर कलेक्टर ने की प्राचार्यों की प्रशंसा
-स्कूलों के प्रदर्शन को और बेहतर करने के लिए कलेक्टर ने निरंतर पीटीएम, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज, इंटर स्कूल प्रतियोगिता और सेजेस की संयुक्त ई-मैग्जीन शुरू करने के दिए निर्देश
दुर्ग । कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने सेजेस के प्राचार्याें की समीक्षा बैठक ली। उन्होनें कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की आत्मानंद विद्यालयों को लेकर यह मंशा थी कि सरकारी स्कूलों में ऐजुकेशन के साथ ही उत्कृष्टता पर भी जोर दिया जाए। उन्होनें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु सभी प्राचार्यों को पालकों की सहभागिता सुनिश्चित करने की बात कही व सेजेस के इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी लाने के निर्देश दिये। साथ ही एजेंसी और प्राचार्यों से क्रॉस वेरिफिकेशन कर प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर ने दीपक नगर स्थित सेजेस निर्माण में हो रही देरी और लापरवाही की शिकायत मिलने पर नगर निगम दुर्ग के इंजीनियर को स्पष्टीकरण का नोटिस जारी किया और यह भी स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने समीक्षा के दौरान पाया कि शिक्षकों की कमी और बच्चों की अनुपस्थिति की वजह से कुछ सेजेस के प्रर्दशन में कमी आ रही है। उन्होनें तत्काल डीईओ को रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रकिया पूरी करने के निर्देश दिए।
-कलेक्टर ने रिसाली, जंजगिरी एवं बोरी के सेजेस की सराहना की-
कलेक्टर ने सभी स्कूलों की रिपोर्ट कार्ड देखी जिसमें उन्होनें छात्रों की ग्रेडवार प्रर्दशन की समीक्षा की। जिसमें उन्होनें रिसाली, जंजगिरी एवं बोरी सेजेस के छात्रों का बेहतर प्रर्दशन पाया। बोरी और रिसाली के सेजेस में संचालित मॉडल की प्रसंशा की। उन स्कूलों के प्राचार्यों के अनुसार छात्रों के खराब प्रर्दशन का मुख्य कारण उनकी अनुपस्थिति थी जिसके लिए उन्होने लगातार छात्रों की मानिटरिंग कर उनकी समीक्षा की व अभिभावकों के साथ समन्वयन कर छात्रों की काउंसलिंग की। जिससे छात्रों की उपस्थिति बढ़ी और उनके प्रर्दशन में भी सुधार आया। कलेक्टर ने अन्य सेजेस के प्राचार्यों को भी इसी प्रकार छात्रों के अभिभावकों से सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि अन्य स्कूलों का भी प्रर्दशन बेहतर हो सके।
-सेजेस की गुणवत्ता को और बेहतर करने प्राचार्यों से मांगा प्रस्ताव – कलेक्टर ने कहा सेजेस की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए सभी प्राचार्यां को जोर लगाना होगा। कलेक्टर ने स्वयं सेजेस में बेहतरी के लिए सुझाव दिए, उन्होनें कहा कि सभी सेजेस के मध्य समय-समय पर इंटरस्कूल प्रतियोगिता हो जिसमें अकैडमिक व अनअकैडमिक क्र्रियाकलाप, ड्रॉइंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल इत्यादि कराए जाएं। बैठक में उन्होनें सभी सेजेस की संयुक्त ई-मैग्जीन शुरू करने का सुझाव भी दिया। ई-मैग्जीन में सेजेस की विशेष एक्टिविटी, कार्यक्रमों एवं उपलब्धियों को शामिल किया जाएं जिससे अन्य सेजेस को प्रेरणा मिले। उन्होनें सभी प्राचार्यों से भी रचनात्मक योजना के प्रस्ताव मंगाए है। जिसके लिए कलेक्टर ने आगामी 10 दिनों के भीतर एक बैठक रखी है। सभी प्राचार्यों से प्राप्त प्रस्ताव पर चर्चा कर बेस्ट आइडियाज के आधार पर रूपरेखा तैयार कर सभी सेजेस में लागू किया जाएगा।
-नए प्रस्तावित स्कूल के निर्माण के संबंध में एक सप्ताह के भीतर होगी निर्माण एजेंसियों की बैठक-
कलेक्टर ने जिले में प्रस्तावित सभी नए सेजेस के इंफ्रास्ट्रक्चर में एकरूपता होने की बात कही एवं निर्माण एंजेन्सियों को इसका 3डी प्रेजेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा कलेक्टर ने स्कूल के मूलभूत अधोसंरचना को पहले तैयार करने के निर्देश दिए। ताकि स्कूलों का संचालन जल्द प्रारंभ कर ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ दिया जा सके। साथ ही निर्माणाधीन स्कूलों के प्राचार्यों से निर्माण-कार्य की मानिटरिंग कर आवश्यतानुसार सुव्यवस्थित निर्माण कार्य कराने को कहा। निर्माण में किसी भी प्रकार की समस्या या अनियमितता होने पर तत्काल जिला प्रशासन को सूचित करने के निर्देश दिए।
बैठक में डीईओ अभय जायसवाल, सहायक संचालक अमित घोष, सेजेस विद्यालय के प्राचार्यगण, इंफ्रास्ट्रक्चर के अपग्रेशन का कार्य कर रहीं एजेंसियों के प्रतिनिधि शमिल हुए।

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Author: mithlabra

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