बोलेरो अनियंत्रित होकर पलटी : शादी से पहले युवक की मौत

3 साल पहले भाई की भी सड़क हादसे में हुई थी मौत
कोरबा । कोरबा जिले के रामपुर नोन्दरहा गांव के पास गुरुवार को हुए एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। मृतक सुरेंद्र यादव की अगले महीने ही शादी थी। पूरा परिवार उसकी शादी की तैयारियों और खरीददारी में जुटा थाए लेकिन इस हादसे ने उनकी खुशियां छीन लीं। मामला करतला थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक सुरेंद्र यादव 27 वर्ष भैसमा ढोंगदरहा गांव का रहने वाला था और एक निजी कोल कंपनी में काम करता था। गुरुवार सुबह साढ़े 10 बजे नाइट शिफ्ट खत्म करके घर लौटा था। वहां तैयार होकर और खाना खाकर युवक दोपहर में अपने किसी काम से घर से निकला था। उसने घरवालों से कहा था कि वो बस थोड़ी ही देर में एक जगह से आ रहा है। वो अपनी बोलेरो से निकला था, लेकिन रामपुर नोन्दरहा गांव के पास उसकी गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। आसपास के लोग उसके पास पहुंचे और उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के मामा राजेश यादव ने बताया कि सुरेंद्र की शादी रायगढ़ जिले में तय हो गई थी। तारीख तय होना बाकी था, लेकिन अगले महीने का मुहूर्त निकलवाने की तैयारी थी। सभी उसकी शादी तय होने से बहुत खुश थे और धूमधाम से आयोजन की तैयारियों में जुटे थे, लेकिन इस हादसे से उनके परिवार को तोड़कर रख दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बोलेरो की रफ्तार बेहद तेज थी और अनियंत्रित होकर उसने दो बार पलटी खाई, जिससे सुरेंद्र को गंभीर चोटें आई थीं और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वहीं जिला अस्पताल चौकी प्रभारी रविंद्र कुमार जनार्दन ने बताया कि हॉस्पिटल से मिले मेमो के आधार पर पंचनामा की कार्रवाई कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। केस डायरी संबंधित करतला थाने को भेजी जाएगी। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव के अंतिम संस्कार के लिए उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों ने बताया कि सुरेंद्र यादव के बड़े भाई नितेंद्र यादव 27 साल की मौत भी 3 साल पहले सड़क हादसे में ही हुई थी। परिवार में पिता शांति लाल की मौत काफी पहले हो चुकी है। 3 भाईयों में से नितेंद्र और अब सुरेंद्र की भी मौत एक्सीडेंट में हो गई है। वहीं सबसे छोटा भाई गजेंद्र 20 साल का है और अभी जॉब की तैयारी कर रहा है। नितेंद्र की मौत के बाद सुरेंद्र घर में इकलौता कमाने वाला था, जिसकी भी मौत सड़क हादसे में हो गई है। मां अनुसुइया देवी 3 साल के अंदर 2-2 जवान बेटों को खोकर बेसुध है और उन्हें आसपास के लोग और रिश्तेदार संभालने की कोशिश कर रहे हैं।

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Author: mithlabra

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