हिंदुस्तान समझना है तो आदिवासियों को समझना होगा : राहुल गांधी

 

जलगांव । कांग्रेस नेता राहुल गांधी महाराष्ट्र के जलगांव जिले में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो मेरी दादी इंदिरा गांधी थीं, आपके बीच में और उनके बीच में बहुत गहरा रिश्ता था। अभी भी आप उनको याद करते हो। इसके बारे में, आपके रिश्ते के बारे में मैं आपको एक छोटी सी कहानी बताना चाहता हूँ। जब मैं छोटा था, मेरी दादी ने मुझे एक फोटो की किताब दी थी। उस पुस्तक का नाम था, ‘तेंदू, एक आदिवासी बच्चा’। वो किताब मुझे सबसे अच्छी लगती थी। वो किताब आदिवासी बच्चे के बारे में थी। वो किताब समझाती थी कि उस आदिवासी बच्चे का जंगल के साथ क्या रिश्ता था। हर 2-3 दिन में मैं अपनी दादी को पकड़ लेता था और वो किताब उनसे पढ़वाता था। उसमें बहुत सुंदर फोटो थी, चित्र बने हुए थे और लड़के के पास तीर-कमान था, वो मछली को मारता था। तो मैं बच्चा था, मुझे तो ये बहुत अच्छा लगता था। एक दिन मैंने दादी से पूछा, किताब के बारे में पूछा, आदिवासियों के बारे में पूछा, तो मैंने पूछा- ये किताब आपने मुझे दी, ये बहुत अच्छी लगती है, ये आपने मुझे क्यों दी? दादी ने जवाब दिया, क्योंकि यही हिंदुस्तान के असली मालिक हैं। उन्होंने मुझे बोला कि तुम्हें अगर हिंदुस्तान समझना है, तो सबसे पहले तुम्हें आदिवासियों को समझना होगा, उनकी जिंदगी को समझना होगा, जंगल को समझना होगा, जल को समझना होगा और उनकी संस्कृति को समझे बिना, रीति-रिवाज समझे बिना तुम हिंदुस्तान को समझ नहीं सकते हो। मैं छोटा सा बच्चा था, तो मैं ये बात भूल गया था। कुछ साल पहले मैं उनके घर गया था, उनके म्युजियम में वो किताब दिख गई, मुझे। मैं हिंदुस्तान के हर नागरिक से ये कहना चाहता हूँ, अगर आप हिंदुस्तान को सचमुच में समझना चाहते हो, आपको हमारे आदिवासी भाई और आदिवासी बहन जो हैं, उनका इतिहास, उनके जीने का तरीका, उनका जंगल से रिश्ता, इंवायरमेंट से रिश्ता समझना होगा, क्योंकि आपने ही इस धरती पर पहले पैर रखा था।

राहुल गांधी ने कहा कि कुछ समय पहले मैंने प्रधानमंत्री का एक भाषण सुना और उसमें प्रधानमंत्री ने एक नया शब्द प्रयोग किया, ‘वनवासी’। ये इन दो शब्दों का मतलब बिल्कुल अलग है। ये एक शब्द नहीं है। आदिवासी कहता है कि आप लोग हिंदुस्तान के असली मालिक हो। वनवासी कहता है कि आप लोग जंगल में रहते हो। मतलब, वनवासी शहर में नहीं रह सकता, वनवासी हवाई जहाज में नहीं उड़ सकता, वनवासी का बेटा इंजीनियर नहीं बन सकता, वनवासी की बेटी डॉक्टर नहीं बन सकती। सबसे जरुरी बात जिस दिन हिंदुस्तान में जंगल खत्म हो गया, उस दिन आप कहीं के नहीं रहे। प्रधानमंत्री और इनकी सरकार हर रोज आपसे आपका जंगल छीनकर हिंदुस्तान के सबसे बड़े उद्योगपतियों को दे रही है। हमारे लिए आप वनवासी कभी नहीं होओगे, आप सिर्फ आदिवासी हो, आदिवासी रहोगे और ये जो देश है, इसके आप पहले मालिक हैं। अगर आप पहले मालिक हो तो आपको अधिकार मिलने चाहिए। सिर्फ जंगल और जमीन का अधिकार नहीं, वो तो मिलना ही चाहिए, मगर शिक्षा का अधिकार, स्वास्थ्य का अधिकार, रोजगार का अधिकार, धन का अधिकार, ये सब आपके पास होने चाहिए। जो आपकी संस्कृति है, जो आपका इतिहास है, वो इस देश के लिए सबसे जरुरी है। जो आपका इंवायरमेंट से रिश्ता है, जो आपकी इंवायरमेंट की समझ है, वो सबसे गहरी, सबसे बेहतर है। आपकी भाषा, आपके जीने का तरीका जरुर अलग है, मगर किसी से कम नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और यूपीए ने आपको पेसा कानून दिया, फॉरेस्ट राइट्स बिल दिया, जमीन का अधिकार दिया। ये आपका हक है और इसीलिए यूपीए ने, कांग्रेस पार्टी ने आपको दिया। ये हक है, ये तोहफा नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने पंचायती राज कानून भी दिया और हमने कोशिश की महिलाओं को रिजर्वेशन देने की। मनरेगा से आपको काम की भी गारंटी का अधिकार दिया। जो भी हमने कानून आपके लिए बनाए थे, उन सबको प्रधानमंत्री और उनकी सरकार कमजोर कर रही है। इन कानूनों को हम कभी कमजोर नहीं होने देंगे। हमारी सरकार आने के बाद जितना इन्होंने इन कानूनों को कमजोर किया है, उससे दोगुना हम इन कानूनों को मजबूत कर देंगे। ऐसे ही नए कानून हम आपके लिए लाएंगे। राहुल गांधी ने कहा कि‘भारत जोड़ो यात्रा’ हमने कन्याकुमारी से शुरु की, ये श्रीनगर तक जाएगी। इसका लक्ष्य हिंदुस्तान को जोड़ने का है, एक बनाने का है। बीजेपी के लोग, जो गरीब लोगों के साथ, कमजोर लोगों के साथ हिंसा कर रहे हैं, नफ़रत फैला रहे हैं, उससे लड़ने की ये यात्रा है। राहुल गांधी ने कहा कि कल यात्रा में हमने महिलाओं को सबसे आगे रखा कि देश को दिखे, महिलाओं की ताकत देश को दिखे। जो देश अपनी महिलाओं की इज़्ज़त नहीं कर सकता है, वो कभी आगे नहीं जा सकता है। आपने देखा होगा, अखबार में आता है, कभी-कभी किसी महिला का बलात्कार होता है, तो बीजेपी के नेता कहते हैं कि औरत की गलती थी। तो उनके नेता कहते हैं, अगर लड़की वहाँ नहीं होती तो उसका बलात्कार नहीं होता। अगर लड़की ऐसे कपड़े नहीं पहनती तो उसका बलात्कार नहीं होता। पर मैं यहाँ से कहना चाहता हूँ, जब भी किसी भी महिला का बलात्कार होता है, तो महिला की गलती कभी नहीं होती है। अगर गलती होती है, तो उसकी होती है, जिसने बलात्कार किया है। जब बीजेपी के नेता ऐसी बात करते हैं, तो वो हिंदुस्तान की हर बहन, हर मां का अपमान करते हैं। ये हमारी सोच और उनकी सोच में फर्क है।

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Author: mithlabra

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