नेताओ के प्रति जनता में है नाराजगी, जुटाए नही जुट रही है भीड़…

– उप चुनाव जनसंपर्क के दौरान मंत्री लखमा के साथ हुई ग्रमीणों की बहस, ग्राम बोगर की है घटना
भानुप्रतापपुर (दीपक शर्मा)। जिला तो नही उप चुनाव के चलते इन दिनों भानुप्रतापपुर राजधानी में तब्दील हो गई है। उप चुनाव में जीत का समीकरण फीट करने के लिए स्थानीय नेताओं को छोड़कर कांग्रेस पार्टी से 50 से ज्यादा मंत्री, विधायक, सांसद व बड़े अफसरों का दौरा जारी है। वही विपक्ष के प्रदेश स्तरीय वरिष्ठ नेताओं का भी आगमन निरन्तर जारी है। हालकी चुनावी सभा मे भीड़ एकत्रित करने में बड़े नेता भी फिसडी साबित हो रहे है। वही कुछ ग्रामो में नेताओ को विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। भानुप्रतापपुर ब्लाक से लगा हुआ ग्राम पंचायत बोगर के सरपंच ज्ञान सिंह गौर के द्वारा केबिनेट मंत्री कवासी लखमा के सामने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मुर्दाबाद कहते हुए विरोध किया गया और आबकारी मंत्री को कहा गया कि आप अपने आप को आदिवासी नेता कहते हो लेकिन आदिवासी समाज को समर्थन नहीं दे रहे हो,
आदिवासियों के विरोध में प्रचार करना बंद करो। केबिनेट मंत्री कवासी लखमा ने समझाने की कोशिश किया लेकिन नहीं समझ रहे ग्रामीण।
ऐसे तो लोकतांत्रिक देश मे चुनावी समय मे नेताओ के द्वारा आमजन को बड़ी बड़ी घोषणा व वायदे किये जाना आमबात हो गई है। जनता भी अच्छी तरह समझ गई है कि ये नेता भी केवल चुनाव के समय ही दिखते है, बाकी समय तो इनका दर्शन भी दुर्लभ हो जाता है।
सर्व आदिवासी समाज के प्रत्याशी की घोषणा के बाद विरोध हुआ तेज
आदिवासी समाज चुनाव को लेकर मुस्तैद दिखाई दे रहा है व गांवो में लगातार बैठक लेकर सर्व आदिवासी समाज के चयनित प्रत्याशी को भारी मतों से जीताने धार्मिक रीति के हवाले देते हुए आदिवासी को शपथ दिलाया जा रहा हैं। जिस कारण गांवो में हो रहे पार्टियों के कार्यक्रम में ग्रामीण नहीं पहुंच रहे। मंगलवार को भानबेड़ा जॉन के लगभग 10 गांवो में जनसंपर्क कार्यक्रम किया गया, जिसमें नहीं के बराबर ग्रामीण इकठ्ठा हुए थे। जिससे साफ नज़र आ रहा है कि आदिवासी समाज का विरोध के कारण ग्रामीण इकठ्ठा नहीं हो रहे हैं।
नुप्रतापपुर उप चुनाव के लिए मतदान 05 दिसम्बर व मतगणना 08 दिसम्बर को होना है। मतदान के लिए दो सप्ताह का भी समय नही रह गया है। समय को देखते हुए थोक के भाव में भानुप्रतापपुर पहुच रहे है नेता। उनका एक ही काम येनकेन वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करना है। वर्तमान में देखा जाए तो क्षेत्र व गावो में नेताओ के द्वारा लगातार जनसम्पर्क अभियान प्रारंभ है, लेकिन ये प्रदेश के बड़े नेता भी भीड़ जुटाने में नाकाम हो रहे है। वही नेताओ के प्रति वोटरों के नाराजगी भी देखी जा सकती है। ग्राम बोगेर में कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा पहुचे, जिसे देखकर सरपंच ज्ञान सिंह गौर भड़क उठे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मुर्दाबाद के नारे लगाए। स्थिति देखकर मंत्री लखमा जी उनसे बात करने के लिए कहा लेकिन उन्होंने अपनी बात पर अड़े रहे।

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Author: mithlabra

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