तेंदुआ के आतंक से इलाके के ग्रामीणों में दहशत

तीन बच्चों को मौत के घाट उतार चुका है आदमखोर तेंदुआ                        बलरामपुर । रामानुजगंज विगत 16 दिनों से तेंदुआ के आतंक से छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे झारखंड के दर्जनों गांव के लोग दहशत में है अब तक तेंदुआ के द्वारा 3 बच्चों को मौत के घाट उतार चुका है छत्तीसगढ़ के सीमा से सटे सरहदी गांव की स्थिति ऐसी है कि झारखंड के वन विभाग के द्वारा लगाए गए कैमरा व ड्रोन कारगर साबित नहीं हो रहा है पिंजरा जाल सभी बेकार पड़े हैं। छत्तीसगढ़ के सरहद से लगे झारखंड के दर्जनों गांव में तेंदुआ के आतंक की चर्चा रामानुजगंज एवं आसपास क्षेत्र में दिन भर रहता है। छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज सहित आसपास गांव के लोग भी दहशत में है कि तेंदुआ कभी भी इस ओर न आ जाए।सरहदी क्षेत्रों में आदमखोर हो चुके तेंदुआ को पकडऩे के लिए झारखंड वन विभाग की टीम लगातार सक्रिय है परंतु अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है तेंदुआ लगातार अपना ठिकाना बदलते रह रहा है ऐसे में वन विभाग के द्वारा लगाया गया ड्रोन, कैमरा सहित पिंजरा जाल सभी बेकार साबित हो रहा है। झारखंड के वन विभाग के द्वारा तेंदुआ को आदमखोर घोषित करते हुए उसे मारने के लिए हैदराबाद के चर्चित शूटर नवाब अली खान से संपर्क किया है। दक्षिणी वन मंडल पदाधिकारी शशी कुमार बताते हैं कि विभागीय प्रक्रिया के बाद नवाब अली खान को गढ़वा बुलाया जाएगा ताकि आदमखोर तेंदुआ को मारा जा सके। फिलहाल तेंदुआ को पकडऩे के लिए मेरठ से तीन और पिंजरे मंगाए जा रहे हैं।शुक्रवार के सुबह पैरों के निशान देखकर दहशत में आए लोग, वन विभाग ने लकड़बग्घा के निशान होने की पुष्टि की।

रामानुजगंज के रिंग रोड में शुक्रवार की सुबह कुछ लोगों ने दावा किया हम लोगों ने एक जंगली जानवर को छलांग मारते हुए देखा है जिसके बाद वहां काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए एवं पैरों के निशान मिले तो लोग दहशत में आ गए व चर्चा होने लगी की यह तेंदुआ के पैरों के निशान है जिसके बाद तत्काल डीएफओ विवेकानंद झा को सूचना दी गई विवेकानंद झा के तत्कालिक निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि यह लकड़बग्घा के पैरों के निशान है।
शाम ढलने से पूर्व सरहदी क्षेत्रों से काम करने वाले लोग जा रहे हैं अपने घर…
झारखंड सरहदी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग काम करने रामानुजगंज आते हैं परंतु आदमखोर तेंदुआ का आतंक के कारण शाम ढलने से पूर्व सभी अपने-अपने घरों तक जा रहे हैं स्थिति ऐसी है कि शाम ढलते ही झारखंड के सरहदी गांव में सन्नाटा पसर जा रहा है।
पर्यटन स्थलों पर आदमखोर तेंदुआ के दहशत का दिखेगा असर…..
आदमखोर तेंदुआ कन्हर नदी पार करके कभी भी छत्तीसगढ़ की और प्रवेश कर सकता है जिस कारण छत्तीसगढ़ के सरहदी क्षेत्रों के लोग भी दहशत में रह रहे हैं यहां तक कि 1 जनवरी को पलटन घाट वन वाटिका सहित अन्य पर्यटन स्थलों में आदमखोर तेंदुआ के दहशत का असर दिखेगा।

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Author: mithlabra

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