मुनि ने त्यागे प्राण, जैन तीर्थ सम्मेद शिखर को टूरिस्ट प्लेस बनाने का देशभर में विरोध

जयपुर। जैन मुनि सुज्ञेयसागर महाराज ने मंगलवार को प्राण त्याग दिए। वह झारखंड में जैन तीर्थ सम्मेद शिखर को टूरिस्ट प्लेस बनाए जाने के विरोध में 10 दिन से आमरण अनशन पर थे। मंगलवार सुबह उनकी डोल यात्रा सांगानेर संघीजी मंदिर से निकाली गई। इस दौरान आचार्य सुनील सागर सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे। जैन मुनि को जयपुर में ही समाधि दी जाएगी।

दरअसल जैन समाज के पवित्र तीर्थ स्थल सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल बनाने के फैसले का विरोध देशभर में जैन समाज के लोग कर रहे हैं। झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ने ‘श्री सम्मेद शिखरजी’ को पर्यटन स्थल घोषित किया था। श्री सम्मेद शिखरजी को जैन समाज का पवित्र तीर्थ स्थल माना जाता है। दिल्ली में जैन समाज के हजारों लोग प्रगति मैदान में इकट्ठे हुए और इंडिया गेट तक मार्च किया। जैन समाज के लोगों का मानना है कि फैसले से सम्मेद शिखर को नुकसान होगा और उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचेगी। वहीं रविवार (1 जनवरी) को जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड सरकार के फैसले के खिलाफ राष्ट्रपति भवन में ज्ञापन सौंपा।

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Author: mithlabra

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