खेलने की कोई उम्र नहीं: ’आशो बाई’ के जज्बे को सलाम…

– 65 वर्ष की आयु में 1 घंटे 31 मिनट से अधिक समय तक खेलती रही ’फुगड़ी’
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल से छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक के माध्यम से प्रदेश में पारंपरिक खेलों के आयोजन ने जनसामान्य में उत्साह का संचार किया है। बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं में छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक के लिए खुशी एवं उल्लास देखने को मिल रहा है। बुजुर्ग भी किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में दम-खम दिखाया है। हरदी ग्राम पंचायत रायपुर संभाग की 65 वर्षीया श्रीमती आशो बाई ने अपने जज्बे और हौसले से जीत हासिल की। उन्होंने 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में फुगड़ी में 01 घंटा 31 मिनट 58 सेकेंड तक फुगड़ी खेलकर जीत हासिल की। जीतने के बाद भी आशो बाई के फुगड़ी करते हुए कदम थम नहीं रहे थे। बिलासपुर संभाग अंतर्गत कोरबा जिले के पाली विकासखण्ड की साहिन बाई ने भी शानदार जज्बे का परिचय देते हुए 01 घंटा 31 मिनट 53 सेकेंड तक फुगड़ी करते हुए आशो बाई को कड़ी टक्कर दी, तो वहीं बस्तर संभाग की गंगावती प्रधान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इन महिलाओं के अधिक उम्र होने के बावजूद भी उनका छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के राज्य स्तरीय फुगड़ी प्रतियोगिता में गजब का उत्साह देखते बन रहा था। उन्होंने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के आयोजन में उन्हें मंच देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए आभार प्रकट किया है।

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Author: mithlabra

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