मंडी अधिनियम में किसानों से शुल्क या कमीशन लेने का प्रावधान नहीं है, 8% कमीशन लेने का निर्णय सब्जी के दलालों का है – मंडी सचिव

सब्जी मंडी में कारोबार का समय किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सबकी सहमति से लिया जाएगा
दुर्ग । सब्जी मंडियों में दलालों द्वारा किसानों से 8% कमीशन वसूलने और सब्जी की नीलामी प्रात: 5 बजे शुरू करने से किसानों को होने वाली परेशानियों के मुद्दों पर आज छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के नेतृत्व में सब्जी उत्पादक किसानों की मंडी सचिव एम आर पोर्ते से कार्यालय में बैठक हुई, बैठक में किसानों से अपनी समस्या से मंडी सचिव को अवगत कराया और सब्जी मंडी में कारोबार कोरोना काल से पूर्व वाले समय में संचालित करने और 8% कमीशन वसूलने पर तत्काल रोक लगाने की मांग किया। उल्लेखनीय है कि मई 2022 में सब्जी उत्पादक किसानों ने तत्कालीन कलेक्टर को जनदर्शन में आवेदन देकर सब्जी मंडियों में कारोबार कोरोना काल से पूर्व के समय अनुसार निर्धारित करने का आग्रह किया था जिसके आधार पर तत्कालीन मंडी सचिव ने सब्जी मंडी में नीलामी दो पालियों 7 से 10.30 और 12 से 2.30 बजे तक संचालित करने का आदेश किया था, वर्तमान मंडी सचिव ने 15 जून 2022 को आदेश में परिवर्तन करते हुए प्रात: 6 से 12 बजे तक संचालित करने का आदेश जारी कर दिया।

मंडी सचिव पोर्ते ने किसानों को बताया कि मंडी अधिनियम में सब्जी उत्पादक किसानों से किया प्रकार से मंडी शुल्क या कमीशन लेने का प्रावधान नहीं है 8% कमीशन लेने का निर्णय सब्जी के दलालों ने खुद ही लिया है चूंकि यह पूरे राज्य का मुद्दा है इसलिए इस संबंध में मंडी बोर्ड से मार्गदर्शन लेकर ही निर्णय लिया जाएगा। मंडी सचिव ने सब्जी उत्पादक किसानों को भरोसा दिया है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सबकी सहमति से सब्जी मंडियों के कारोबार के समय पर निर्णय लिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के प्रतिनिधिमंडल में राजकुमार गुप्त, आई के वर्मा, झबेंद्र भूषण वैष्णव, उत्तम चंद्राकर, बद्रीप्रसाद पारकर, मेघराज मढ़रिया, बाबूलाल साहू, संतु पटेल, गिरीश दिल्लीवार, गाजल सिन्हा, जीवन पटेल, भगवती ठाकुर और भोला पटेल शामिल थे ।

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Author: mithlabra

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